मजबूरी

एक बार की बात है एक गांव में एक लड़की रहती थी.  मां-बाप उसको बहुत प्यार करते थे। पर वो स्टडी नहीं करती थी। तो उसके  मां-बाप ने एक अच्छा लड़का देखकर उसकी शादी करा दी।शादी हो गई ।शादी की सारी रस्में हो गई । पर उसका हस्बैंड काम पर नहीं जाता था । यह बात उसके मन में आती।  पर समझ नहीं पाती । कुछ टाइम  गुजरा पर। उसका हस्बैंड अब भी काम पे नहीं जाता।उसने अपने हसबैंड को काम पे जाने को कहा। वो कहता रहा । कल से जाऊंगा । वन  हफ्ता हो गया। वो गुस्सा होकर पूछा काम पे क्यों नहीं जाते। पता चला कि कोई काम ही नहीं करता। झूट बोल कर शादी की है ।जब उससे ये बात पता चली तो बहुत रोए ।तुम सब ने धोखा दिया। पर मजबूरी मै अब क्या करती । वाह रह रही थी। फिर सास ने उससे घर का खर्चा चलने के लिए उससे काम करने को कहा। उसने मना किया ।तो उससे मारना सुरु किया। वो हार कर काम करने निकली । दूसरे के घर बर्तन मजने का काम किया।कोई और काम कर नहीं सकती थे पड़ाई नहीं की थी । आज सोच कर रोते । काश पड़ लेती। फिर वो प्रेगनेंट हुए। उसके घर वाले तब भी काम पे जाने से नहीं रोकते थे। घर में एक लड़की हुए । उसके होने के एक हफ्ते बाद ही दुबारा काम पे जाने को कहा। तो उसका हस्बैंड उसको लेकर गया । और उसको गलत जगा झो़ड कर  आ गया। वो चिलाते रही । उसके हस्बैंड अनसुना करके चला गया। वो वहा से जैसे तैसे कर करके निकली। घर आए । और बच्चे को लेकर अपने मायके आए ।घर वालो ने उसको वहा जाने से मना कर दिया । उसका वहा से तलाक कर वा दिया। शादी के बाद मायके रहना भी रहा नहीं जाता। मजबूरी में उसने एक फैक्टरी में काम किया। अपना और बच्चे का खर्चा निकाला। फिर उसने पढ़ने को सोचा । काम के साथ साथ पड़ी भी। और अच्छी जगा जॉब भी लग गए । लड़की का पड़ना बहुत जरूरी होता है। नहीं तो मज़बूरी में क्या क्या करना पड़ जाता है।पड़े और लाइफ को अच्छी बनाए।
Thanku every one। 

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